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Wednesday, April 1, 2020

Aigiri Nandini (Mahishasura Mardini) Lyrics - Adi Sankaracharya

Aigiri Nandini (Mahishasura Mardini) Lyrics - Adi Sankaracharya: Presenting the lyrics of the Bhajan Aigiri Nandini (Mahishasura Mardini) penned by Adi Sankaracharya.

Aigiri Nandini (Mahishasura Mardini) Lyrics

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दिनुते
गिरिवरविन्ध्यशिरोऽधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।
भगवति हे शितिकण्ठकुटुम्बिनि भूरिकुटुम्बिनि भूरिकृते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„§ ॥

सुरवरवर्षिणि दुर्धरधर्षिणि दुर्मुखमर्षिणि हर्षरते
त्रिभुवनपोषिणि शङ्करतोषिणि किल्बिषमोषिणि घोषरते
दनुजनिरोषिणि दितिसुतरोषिणि दुर्मदशोषिणि सिन्धुसुते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„Ø ॥

अयि ą¤œą¤—ą¤¦ą¤®्ब मदम्ब कदम्ब वनप्रियवासिनि हासरते
शिखरि शिरोमणि तुङ्गहिमलय शृङ्गनिजालय मध्यगते ।
मधुमधुरे मधुकैą¤Ÿą¤­ą¤—ą¤ž्जिनि कैą¤Ÿą¤­ą¤­ą¤ž्जिनि रासरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„© ॥

अयि शतखण्औ विखण्औितरुण्औ वितुण्औितशुण्द ą¤—ą¤œाधिपते
रिपुą¤—ą¤œą¤—ą¤£्औ विदारणचण्औ पराक्रमशुण्औ मृगाधिपते ।
निजभुजदण्औ निपातितखण्औ विपातितमुण्औ भटाधिपते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„Ŗ ॥

अयि रणदुर्मद शत्रुवधोदित दुर्धरनिर्जर शक्तिभृते
चतुरविचार धुरीणमहाशिव दूतकृत प्रमऄाधिपते ।
दुरितदुरीह दुराशयदुर्मति दानवदुत कृतान्तमते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„« ॥

अयि शरणागत वैरिवधुवर वीरवराभय दायकरे
त्रिभुवनमस्तक शुलविरोधि शिरोऽधिकृतामल शुलकरे ।
दुमिदुमितामर धुन्दुभिनादमहोमुखरीकृत दिङ्मकरे
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„¬ ॥

अयि निजहुङ्कृति मात्रनिराकृत धूम्रविलोचन धूम्रशते
समरविशोषित शोणितबीज समुद्भवशोणित बीजलते ।
शिवशिवशुम्भ निशुम्भमहाहव तर्पितभूत पिशाचरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„­ ॥


धनुरनुषङ्ग रणक्षणसङ्ग परिस्फुरदङ्ग नटत्ą¤•ą¤Ÿą¤•े
कनकपिशङ्ग पृषत्कनिषङ्ग रसद्भटशृङ्ग हताबटुके ।
कृतचतुरङ्ग बलक्षितिरङ्ग घटद्बहुरङ्ग रटद्बटुके
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„® ॥

सुरललना ततऄेयि तऄेयि कृताभिनयोदर नृत्यरते
कृत कुकुऄः कुकुऄो गऔदादिकताल कुतूहल गानरते ।
धुधुकुट धुक्कुट धिंधिमित ध्वनि धीर मृदंग निनादरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„Æ ॥

जय जय जप्य जयेजयशब्द परस्तुति तत्परविश्वनुते
ą¤ą¤£ą¤ą¤£ą¤िą¤ž्ą¤िमि ą¤िङ्कृत नूपुरशिą¤ž्जितमोहित भूतपते ।
नटित नटार्ध नटी नट नायक नाटितनाट्य सुगानरते
जय जय हे महिषासुरमर्दिनि रम्यकपर्दिनि शैलसुते ॥ ą„§ą„¦ ॥


Aigiri Nandini (Mahishasura Mardini) Lyrics - Adi Sankaracharya

Adi Sankaracharya - Aigiri Nandini (Mahishasura Mardini) Details

Singer: Rajalakshmee Sanjay
Composer: Traditional
Lyrics:  Adi Sankaracharya
Music Producer/Arranger: Sanjay Chandrasekhar